आम बजट 2011-12 पर संसद में जारी बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आम आदमी को अलग से तो कोई रियायत नहीं दी, लेकिन सांसद विकास निधि की सालाना राशि को ढाई गुणा बढ़ाने का जरूर एलान कर दिया। देश के प्रत्येक सांसद को अब हर वर्ष अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ रुपये के बजाय पांच करोड़ रुपये मिलेंगे। लोक सभा में सांसद निधि बढ़ाने की घोषणा के साथ ही वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी इस निधि के इस्तेमाल का दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े उपाय करने की तरफ भी इशारा किया। सभी दलों के सांसदों की तरफ से हो रही इस पुरानी मांग को पूरा करते हुए उन्होंने कहा कि, मैं चेतावनी से भरे कुछ शब्द कहना चाहूंगा। गुरुवार को सीएजी ने सांसद निधि के इस्तेमाल पर रिपोर्ट सौंपी है। इसमें निधि के बेहतर इस्तेमाल के कुछ सुझाव दिए हैं। जब निधि के इस्तेमाल संबंधी नियम बदलेंगे तब इन सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा। बहरहाल, वित्त मंत्री के इस एलान का सत्ता व विपक्ष के सांसदों ने एकस्वर में स्वागत किया। सरकार पर इससे सालाना 2370 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि जिन पांच राज्यों में (असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु) चुनाव होने वाले हैं, वहां के सांसद मई बाद ही बढ़ी हुई राशि का इस्तेमाल कर सकेंगे। बताते चलें कि इन राज्यों में अप्रैल और मई, 2011 में चुनाव होने वाले हैं। वैसे बढ़ी हुई राशि को अगले वित्त वर्ष अप्रैल, 2011 से मिलनी शुरू हो जाएगी|
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